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अफ्रीका से खाड़ी तक भारत की कूटनीतिक छलांग: इथियोपिया के बाद ओमान पहुंचे PM मोदी, कल होगा ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट

मध्य-पूर्व और अफ्रीका में भारत की कूटनीतिक सक्रियता को नई ऊँचाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इथियोपिया की सफल यात्रा के बाद ओमान की राजधानी मस्कट पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री की यह यात्रा रणनीतिक, आर्थिक और व्यापारिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। दौरे के दूसरे दिन भारत और ओमान के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस मुक्त व्यापार समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई थी, जो अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यह समझौता लागू होने के बाद भारत और ओमान के बीच व्यापार, निवेश, लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नए अवसर खुलेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी के ओमान पहुंचने पर वहां के शीर्ष नेतृत्व द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। दौरे के दौरान प्रधानमंत्री ओमान के सुल्तान और वरिष्ठ मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बातचीत में व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा, खाड़ी क्षेत्र में भारतीय प्रवासी श्रमिकों के हित और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-ओमान FTA से भारतीय निर्यातकों को खाड़ी बाजार में सीधी और आसान पहुंच मिलेगी, वहीं ओमान के निवेशकों के लिए भारत एक बड़े और भरोसेमंद बाजार के रूप में उभरेगा। इससे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में नई मजबूती आएगी।

इथियोपिया और ओमान की यह क्रमिक यात्रा भारत की उस कूटनीतिक रणनीति को दर्शाती है, जिसमें अफ्रीका और खाड़ी देशों के साथ आर्थिक साझेदारी को प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले समय में इस समझौते का प्रभाव न केवल द्विपक्षीय व्यापार पर, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक संतुलन पर भी दिखाई देगा।