डर के साए में अल्पसंख्यक: बांग्लादेश में घरों से बाहर निकलने से डर रहे हिंदू
बांग्लादेश के कई इलाकों में रहने वाले हिंदू समुदाय के बीच भय और असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है। हाल के दिनों में सामने आई घटनाओं के बाद स्थानीय हिंदू परिवारों का कहना है कि वे बिना ज़रूरत घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। खासकर रात के समय आवाजाही लगभग ठप-सी हो गई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों के आसपास तनाव की स्थिति बनी हुई है। व्यापार, शिक्षा और रोज़मर्रा की गतिविधियों पर भी इसका असर साफ़ दिखाई दे रहा है। कई दुकानदारों ने समय से पहले दुकानें बंद करनी शुरू कर दी हैं, जबकि अभिभावक बच्चों को अकेले बाहर भेजने से परहेज़ कर रहे हैं।
मानवाधिकार संगठनों ने अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और सरकार से कड़े कदम उठाने की मांग की है। वहीं प्रशासन का कहना है कि हालात पर नज़र रखी जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
हालांकि, ज़मीनी हकीकत यह है कि भय का माहौल अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हिंदू समुदाय के लोगों का कहना है कि उन्हें सिर्फ सुरक्षा के आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी भरोसे की ज़रूरत है।