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भारत के सामने बेबस पाकिस्तान! मुनीर का कबूलनामा—‘अल्लाह की मदद न होती तो हालात काबू से बाहर हो जाते’; मई में भारत ने 11 पाकिस्तानी एयरबेस किए थे ध्वस्त

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व की ओर से एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने भारत के साथ हालिया संघर्ष को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से अपनी कमजोरी स्वीकार करते हुए कहा है कि “भारत से टकराव के दौरान अल्लाह की मदद मिली, नहीं तो हालात और ज्यादा बिगड़ सकते थे।”

मुनीर का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब मई महीने में भारत द्वारा की गई सटीक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई की चर्चा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हो रही है। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, मई में भारत ने जवाबी कार्रवाई के तहत पाकिस्तान के 11 प्रमुख एयरबेस को निशाना बनाया था, जिससे पाकिस्तान की वायु शक्ति को भारी नुकसान पहुंचा।

विशेषज्ञों का मानना है कि मुनीर का यह बयान पाकिस्तान की रणनीतिक असहजता और सैन्य दबाव को उजागर करता है। एक ओर पाकिस्तान सार्वजनिक मंचों पर भारत को चुनौती देने की बात करता रहा है, वहीं दूसरी ओर उसके शीर्ष सैन्य अधिकारी का यह स्वीकारोक्ति-भरा बयान जमीनी हकीकत को बयान करता है।

रक्षा विश्लेषकों का कहना है कि भारतीय सशस्त्र बलों की तकनीकी क्षमता, सटीक इंटेलिजेंस और त्वरित निर्णय लेने की शक्ति ने इस पूरे घटनाक्रम में निर्णायक भूमिका निभाई। एयरबेस पर हुई कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की वायु गतिविधियों पर गंभीर असर पड़ा और उसे रक्षात्मक मुद्रा अपनानी पड़ी।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, मुनीर का बयान न केवल पाकिस्तान की आंतरिक जनता को संदेश देने की कोशिश है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी एक संकेत है कि भारत के साथ सीधी सैन्य टक्कर पाकिस्तान के लिए भारी पड़ सकती है।

कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम दक्षिण एशिया में बदलते शक्ति संतुलन की ओर इशारा करता है, जहां भारत की सैन्य और रणनीतिक बढ़त अब खुलकर सामने आने लगी है।