मुख्य समाचार
टॉप न्यूज़
आपका शहर
देश समाचार देश समाचार
मनोरंजन मनोरंजन
अपना बिहार अपना बिहार
सोशल सोशल
खेल जगत खेल जगत
बिजनेस न्यूज बिजनेस न्यूज
शिक्षा-रोजगार शिक्षा-रोजगार
वैश्विक समाचार वैश्विक समाचार
अध्यात्म अध्यात्म
व्यक्ति विशेष व्यक्ति विशेष
कहानी
संपादकीय
ArariaArwalAurangabadBankaBegusaraiBhagalpurBhojpurBuxarDarbhangaEast ChamparanGayaGopalganjJamuiJehanabadKaimurKatiharKhagariaKishanganjLakhisaraiMadhepuraMadhubaniMungerMuzaffarpurNalandaNawadaPatnaPurniaRohtasSaharsaSamastipurSaranSheikhpuraSheoharSitamarhiSiwanSupaulVaishaliWest Champaran

26 लाख में 4 करोड़ की ज़मीन! नौकरी के बदले ज़मीन घोटाले में लालू परिवार पर शिकंजा—7 सौदों से जेल का खतरा

26 लाख में 4 करोड़ की ज़मीन! नौकरी के बदले ज़मीन घोटाले में लालू परिवार पर शिकंजा—7 सौदों से जेल का खतरा

पटना: राजनीति के गलियारों में एक बार फिर लालू प्रसाद यादव का परिवार चर्चा में है। कथित “नौकरी के बदले ज़मीन” घोटाले में प्रवर्तन एजेंसियों की जांच तेज़ हो गई है। आरोप है कि लालू परिवार ने बेहद कम कीमत पर करोड़ों रुपये की ज़मीन हासिल की और इसके बदले रेलवे में नौकरियाँ दिलाई गईं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, लगभग 4 करोड़ रुपये मूल्य की ज़मीन मात्र 26 लाख रुपये में लालू परिवार से जुड़ी कंपनियों/सदस्यों के नाम पर ट्रांसफर कराई गई। आरोप यह भी है कि ज़मीन देने वाले आवेदकों को आवेदन देने के महज़ 3 दिनों के भीतर नौकरी मिल गई।

सूत्रों का कहना है कि अब तक 7 ऐसे सौदे सामने आए हैं, जिनमें जमीन के बदले नौकरी देने का पैटर्न साफ़ दिखता है। इन सौदों में कई परिवारों की जमीन कथित तौर पर लालू परिवार के नजदीकी लोगों या कंपनियों के नाम कराई गई। जांच एजेंसियां दस्तावेज़ों, रजिस्ट्री रिकॉर्ड और नियुक्ति फाइलों का मिलान कर रही हैं।

क्या हैं प्रमुख आरोप:

बाजार मूल्य से कई गुना कम कीमत पर ज़मीन का हस्तांतरण

रेलवे में नियुक्तियों के बदले जमीन लेने का आरोप

परिवार से जुड़ी कंपनियों/सदस्यों के नाम पर संपत्ति

कम समय में नौकरी मिलने के दस्तावेज़ी साक्ष्य

एजेंसियों का दावा है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार से जुड़ा गंभीर अपराध बन सकता है। ऐसे में लालू परिवार के कई सदस्यों की कानूनी मुश्किलें बढ़ सकती हैं और जेल तक का रास्ता खुल सकता है।

हालांकि, लालू परिवार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि यह सब राजनीतिक साजिश है और वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे।

फिलहाल देश की निगाहें इस हाई-प्रोफाइल मामले पर टिकी हैं। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और अदालत का रुख तय करेगा कि यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहेगा या कानूनी रूप से किसी बड़े नतीजे तक पहुंचेगा।

🔗 इस खबर को शेयर करें: