अमेरिका की नई रणनीति: वेनेजुएला का तेल भारत को देने की तैयारी, ट्रम्प की दिग्गज ऑयल कंपनियों से मुलाकात; रिलायंस भी रेस में
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में एक बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका अब वेनेजुएला के कच्चे तेल को भारत सहित चुनिंदा देशों को उपलब्ध कराने की रणनीति पर काम कर रहा है। इस दिशा में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में दुनिया की प्रमुख ऑयल कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से अहम बैठक की है। माना जा रहा है कि इस बैठक में वेनेजुएला के तेल निर्यात, प्रतिबंधों में ढील और वैश्विक आपूर्ति संतुलन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि वेनेजुएला का तेल अंतरराष्ट्रीय बाजार में नियंत्रित तरीके से पहुंचे, जिससे कच्चे तेल की कीमतों पर लगाम लगाई जा सके। भारत, जो दुनिया के सबसे बड़े तेल आयातकों में से एक है, इस योजना का बड़ा लाभार्थी हो सकता है। भारतीय कंपनियां पहले से ही वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तलाश में हैं।
इस बीच, देश की दिग्गज कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज भी वेनेजुएला से तेल खरीदने की कतार में शामिल हो गई है। रिलायंस के रिफाइनरी सिस्टम वेनेजुएला के भारी कच्चे तेल को प्रोसेस करने में सक्षम माने जाते हैं, जिससे कंपनी को लागत और आपूर्ति दोनों स्तर पर फायदा मिल सकता है।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह योजना अमल में आती है तो भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और आयात लागत में भी राहत मिल सकती है। साथ ही, वैश्विक तेल बाजार में अमेरिका की भूमिका एक बार फिर निर्णायक रूप में उभर सकती है। आने वाले दिनों में इस पर आधिकारिक घोषणाओं और समझौतों की संभावना जताई जा रही है।