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मजबूत होती भारत-रूस दोस्ती: आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम

मजबूत होती भारत-रूस दोस्ती: आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में बड़ा कदम

भारत और रूस के बीच दशकों पुरानी रणनीतिक साझेदारी एक बार फिर मजबूत होती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के उप प्रधानमंत्री के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों ने आर्थिक सहयोग को और अधिक सशक्त बनाने पर विस्तार से चर्चा की। इस मुलाकात ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य के बीच भी भारत और रूस की मित्रता अटूट है और समय के साथ और गहरी होती जा रही है।

बैठक के दौरान ऊर्जा, व्यापार, रक्षा, और तकनीकी सहयोग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया गया। भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग पहले से ही मजबूत रहा है, खासकर तेल और गैस के क्षेत्र में। मौजूदा परिस्थितियों में भारत रूस से किफायती दरों पर ऊर्जा संसाधनों का आयात कर रहा है, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिल रही है। दोनों पक्षों ने इस सहयोग को और विस्तार देने की संभावनाओं पर विचार किया।

इसके अलावा, द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने लक्ष्य रखा है कि आने वाले वर्षों में व्यापार को कई गुना बढ़ाया जाए। इसके लिए नई व्यापार नीतियों, निवेश के अवसरों और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने पर सहमति बनी। भारत के लिए रूस एक महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदार है, वहीं रूस भी भारत के विशाल बाजार को अपने लिए एक बड़ा अवसर मानता है।

रक्षा क्षेत्र में भी भारत-रूस का सहयोग लंबे समय से मजबूत रहा है। इस बैठक में रक्षा उत्पादन और तकनीकी हस्तांतरण को और बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रूस के साथ मिलकर रक्षा उपकरणों के निर्माण की संभावनाएं भी तलाश की जा रही हैं, जिससे भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

तकनीकी और वैज्ञानिक सहयोग भी इस बैठक का एक अहम हिस्सा रहा। दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष अनुसंधान और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करने की इच्छा जताई। इससे न केवल दोनों देशों के विकास को गति मिलेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी नई संभावनाएं खुलेंगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर कहा कि भारत और रूस के संबंध केवल रणनीतिक ही नहीं, बल्कि भावनात्मक और ऐतिहासिक भी हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश मिलकर वैश्विक चुनौतियों का सामना करेंगे और एक स्थिर व संतुलित विश्व व्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

रूस के उप प्रधानमंत्री ने भी भारत के साथ अपने संबंधों को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि रूस भारत के साथ दीर्घकालिक और भरोसेमंद साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देश मिलकर नई ऊंचाइयों को हासिल कर सकते हैं।

कुल मिलाकर, यह बैठक भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच सहयोग के नए आयाम देखने को मिल सकते हैं, जो न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी होंगे।

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