भारत पहुंचीं कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद- द्विपक्षीय संबंधों, व्यापारिक सहयोग, प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों और सुरक्षा मामलों पर चर्चा होने की संभावना
भारत पहुंचीं कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद, एस. जयशंकर से करेंगी मुलाकात
नई दिल्ली: भारत और कनाडा के बीच हाल के महीनों में तनावपूर्ण रिश्तों के बीच एक नई कूटनीतिक पहल देखने को मिल रही है। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद आज भारत पहुंचीं हैं। अपने इस दौरे के दौरान वे भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगी। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापारिक सहयोग, प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों और सुरक्षा मामलों पर चर्चा होने की संभावना है।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, यह बैठक दोनों देशों के बीच “विश्वास बहाली की दिशा में एक अहम कदम” मानी जा रही है। हाल के दिनों में भारत और कनाडा के संबंध तब बिगड़ गए थे जब कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। भारत ने इन आरोपों को सख्ती से खारिज करते हुए उन्हें “बेतुका और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया था।
अनीता आनंद के दौरे को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वे भारत मूल की पहली कनाडाई रक्षा मंत्री भी रह चुकी हैं और भारत से उनका व्यक्तिगत जुड़ाव भी गहरा है। उनके इस दौरे का उद्देश्य न केवल कूटनीतिक संबंधों को सामान्य बनाना है, बल्कि व्यापार और तकनीकी सहयोग के नए रास्ते तलाशना भी है।
सूत्रों के अनुसार, जयशंकर और आनंद के बीच होने वाली मुलाकात में “इंडो-पैसिफिक स्ट्रेटेजी” और “सप्लाई चेन रेजिलियंस” जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। इसके अलावा, दोनों देश शिक्षा और स्टूडेंट वीज़ा से जुड़े मामलों पर भी सहमति बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। गौरतलब है कि कनाडा में इस समय करीब 8 लाख भारतीय छात्र पढ़ रहे हैं, जो कनाडा की शिक्षा प्रणाली में सबसे बड़ा विदेशी समूह हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि अनीता आनंद का भारत दौरा “तनाव कम करने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत” है। भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक साझेदारी काफी पुरानी रही है। 2022 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 11 अरब डॉलर का रहा। अब दोनों सरकारें “समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA)” को फिर से आगे बढ़ाने पर विचार कर रही हैं, जो लंबे समय से रुका हुआ है।
इस दौरे के दौरान अनीता आनंद नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और कनाडाई व्यापार प्रतिनिधिमंडल के साथ एक विशेष बैठक में भी शामिल होंगी, जिसमें कृषि, स्वच्छ ऊर्जा और स्टार्टअप सहयोग पर चर्चा होगी।
हालांकि, यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह दौरा दोनों देशों के बीच बिगड़े संबंधों में कोई ठोस सुधार ला पाएगा या नहीं। फिलहाल, दोनों देशों के बीच बातचीत का यह सिलसिला एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।