मैथिली ठाकुर की राजनीतिक पारी शुरू !
बिहार की लोकप्रिय लोक गायिका मैथिली ठाकुर, जो अपनी भावपूर्ण मैथिली और लोक प्रस्तुतियों के लिए जानी जाती हैं, 14 अक्टूबर 2025 को बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गईं। यह कदम उनके संगीत करियर से राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है, जिससे राज्य में चुनावी परिदृश्य पर असर पड़ने की उम्मीद है।
मैथिली ठाकुर ने पटना में बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल की उपस्थिति में भाजपा की सदस्यता ली। सूत्रों के मुताबिक, उनके दरभंगा की अलीनगर सीट से चुनाव लड़ने की संभावना है। भाजपा के लिए यह कदम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पार्टी उनकी लोकप्रियता को भुनाकर मिथिलांचल क्षेत्र में युवा मतदाताओं को आकर्षित करने की उम्मीद कर रही है। भाजपा में शामिल होने के बाद, ठाकुर ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बहुत प्रभावित हैं। उन्होंने अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं को सार्वजनिक सेवा से जोड़ा, यह कहते हुए कि वह "समाज की सेवा करने और पार्टी की विचारधारा को हर व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए" आई हैं।
मैथिली ठाकुर का भाजपा में आना एक ऐसा कदम है, जो उनके सांस्कृतिक प्रभाव को राजनीतिक लाभ में बदलने का प्रयास है। उनकी लोकप्रियता युवा मतदाताओं और मिथिलांचल के लोगों के बीच गहरी है, जो भाजपा को एक मजबूत चुनावी बढ़त दे सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी उम्मीदवारी पार्टी की अपील को व्यापक बनाने के लिए एक रणनीतिक कदम है।
बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने ठाकुर का पार्टी में स्वागत किया और कहा कि बिहार से लगाव रखने वाले लोग भाजपा के साथ हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि आगामी चुनाव में एनडीए सरकार बहुमत से जीत हासिल करेगी। मैथिली ठाकुर का संगीत की दुनिया से राजनीति में आना उनके और पार्टी दोनों के लिए एक नई दिशा की शुरुआत है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उनकी कलात्मक सफलता वोटों में तब्दील हो पाती है और वह जनता की अपेक्षाओं पर खरी उतर पाती हैं।