इंडिगो में बड़ा संकट! सरकार सख्त-जरूरत पड़ी तो CEO की छुट्टी, कहा: यह ‘सिस्टम फेलियर’ नहीं, जानबूझकर की गई लापरवाही के संकेत
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों गंभीर विवादों के घेरे में है। यात्रियों की सुरक्षा, संचालन में लगातार गड़बड़ियों और हालिया तकनीकी फेलियर को लेकर सरकार ने कड़ा रुख अख़्तियार किया है। केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि यह मामला सामान्य संचालन विफलता नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई लापरवाही और प्रबंधन स्तर पर गंभीर कमियों की ओर संकेत करता है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि यदि जांच में प्रबंधन की जिम्मेदारी साबित होती है, तो CEO सहित शीर्ष नेतृत्व पर कार्रवाई से सरकार पीछे नहीं हटेगी। जरूरत पड़ी तो CEO को हटाने का भी फैसला लिया जा सकता है।
साथ ही, DGCA ने तत्काल प्रभाव से एक हाई-लेवल जांच शुरू कर दी है, जो न केवल तकनीकी मामलों बल्कि संचालन, मेंटेनेंस और प्रबंधन निर्णयों की भी गहराई से जांच करेगी। सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में संभावित ‘कवर्ड-अप’ और गलत रिपोर्टिंग के एंगल शामिल किए गए हैं।
सरकार ने इंडिगो को साफ संदेश दिया है कि यात्रियों की सुरक्षा से बड़ा कुछ नहीं, और किसी भी स्तर की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारतीय एविएशन सेक्टर में अभूतपूर्व सख्ती का संकेत है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं, जिससे इंडिगो के मैनेजमेंट स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।