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DRDO ने मॉर्फिंग विंग तकनीक का सफल परीक्षण किया, 6वीं पीढ़ी के विमानों की दिशा में बढ़ा भारत

नई दिल्ली।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने मॉर्फिंग विंग तकनीक का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण 300 मिलीमीटर के विंग मॉडल पर किया गया, जिसमें पंख 35 डिग्री प्रति सेकेंड की गति से झुकते देखे गए। फ्लैट स्थिति से पूरी तरह मुड़ी हुई स्थिति में यह परिवर्तन सिर्फ 0.17 सेकेंड में पूरा हो गया।

परीक्षण के दौरान विंग की सतह पूरी तरह चिकनी रही और किसी प्रकार के हिंज या जोड़ नहीं दिखाई दिए। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की संरचना हवा के प्रवाह में कम बाधा उत्पन्न करती है और रडार पर पहचान की संभावना घटाती है।

ईंधन बचत और मैन्यूवरबिलिटी में सुधार

DRDO के अधिकारियों के अनुसार मॉर्फिंग विंग तकनीक विमान को उड़ान स्थितियों के अनुसार अपने पंखों का आकार बदलने में सक्षम बनाती है। इससे हवा का प्रतिरोध कम होता है और ईंधन की खपत घटती है।
इस तकनीक से विमान तेजी से मोड़ लेने, ऊँचाई बदलने और कठिन हवाई गतियों को आसानी से करने में सक्षम हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक हवाई युद्धों में मैन्यूवरबिलिटी बड़ी भूमिका निभाती है। ऐसे में यह तकनीक विमानों को अधिक फुर्ती और नियंत्रण प्रदान कर सकती है।

6वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के लिए महत्वपूर्ण कदम

भारत वर्तमान में 4.5 और 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के विकास पर काम कर रहा है। मॉर्फिंग विंग तकनीक के सफल परीक्षण को 6वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
भविष्य के लड़ाकू विमानों में स्टील्थ क्षमता, बेहतर ईंधन दक्षता और तेज़ प्रतिक्रिया आवश्यक मानी जाती है, जिनके लिए यह तकनीक उपयुक्त बताई जा रही है।

ड्रोन कार्यक्रम में भी आएगा बदलाव

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार मॉर्फिंग विंग तकनीक मानव रहित विमानों (UAV/UCAV) के डिजाइन और प्रदर्शन को भी प्रभावित कर सकती है।
इस तकनीक से ड्रोन कम शोर के साथ उड़ान भर सकेंगे, दुश्मन रडार से बचाव करना आसान होगा और कम ईंधन में अधिक दूरी तय कर पाएंगे।

एयरोस्पेस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि

DRDO के इस परीक्षण को भारतीय एयरोस्पेस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार आने वाले महीनों में इस तकनीक पर और परीक्षण किए जाएंगे, जिसके बाद इसे स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रमों में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।